| वार (Day): | सोमवार |
| मास / पक्ष (Month & Paksha): | श्रावण मास (कृष्ण पक्ष) |
| विक्रम संवत: | विक्रम संवत 2083 Siddharthi |
| तिथि (Tithi): | द्वादशी (बारस) तक 08:00 AM |
| नक्षत्र (Nakshatra): | आर्द्रा (Ardra) तक 12:26 PM, पुनर्वसु (Punarvasu) |
| योग / करण: | वज्र (Vajra) रात्रि १०:२७ तक, तत्पश्चात सिद्धि योग / तैतिल (Taitila) प्रातः ०૮:०० तक, तत्पश्चात गर / वणिज करण |
| सूर्योदय / सूर्यास्त: | 06:14 AM / 07:16 PM |
| चन्द्रोदय / चन्द्रास्त: | 04:29 AM / 05:23 PM |
| अभिजित मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ): | 12:19 PM to 01:11 PM (सर्वश्रेष्ठ अभिजित) |
| अमृत काल / ब्रह्म मुहूर्त: | 05:20 PM to 06:50 PM / 04:46 AM to 05:30 AM |
| राहुकाल (वर्जित समय): | 07:52 AM to 09:29 AM (सोमवार) |
| यमगंड / गुलिक काल: | 11:07 AM to 12:45 PM / 02:23 PM to 04:00 PM |
| समय (Time Slot) | चौघड़िया | फल / प्रभाव |
|---|---|---|
| 06:14 AM - 07:52 AM | अमृत | शुभ (Auspicious) |
| 07:52 AM - 09:29 AM | काल | अशुभ (Inauspicious) |
| 09:29 AM - 11:07 AM | शुभ | शुभ (Auspicious) |
| 11:07 AM - 12:45 PM | रोग | अशुभ (Inauspicious) |
| 12:45 PM - 02:23 PM | उद्वेग | अशुभ (Inauspicious) |
| 02:23 PM - 04:00 PM | चर (ચલ) | शुभ (Auspicious) |
| 04:00 PM - 05:38 PM | लाभ | शुभ (Auspicious) |
| 05:38 PM - 07:16 PM | अमृत | शुभ (Auspicious) |
| समय (Time Slot) | चौघड़िया | फल / प्रभाव |
|---|---|---|
| 07:16 PM - 08:38 PM | उद्वेग | अशुभ (Inauspicious) |
| 08:38 PM - 10:01 PM | चर (ચલ) | शुभ (Auspicious) |
| 10:01 PM - 11:23 PM | लाभ | शुभ (Auspicious) |
| 11:23 PM - 12:45 AM | अमृत | शुभ (Auspicious) |
| 12:45 AM - 02:08 AM | अमृत | शुभ (Auspicious) |
| 02:08 AM - 03:30 AM | काल | अशुभ (Inauspicious) |
| 03:30 AM - 04:52 AM | शुभ | शुभ (Auspicious) |
| 04:52 AM - 06:14 AM | रोग | अशुभ (Inauspicious) |
| व्रत / पर्व (Festival) | पावन तिथि | माहात्म्य एवं शुभ फल |
|---|---|---|
| कामदा / मोक्षदा एकादशी | शुक्ल एकादशी | भगवान श्री हरि विष्णु की परम कृपा, समस्त पापों से मुक्ति एवं पूर्वजों को सद्गति। |
| प्रदोष व्रत (सोम / भौम प्रदोष) | त्रयोदशी तिथि | भगवान शिव एवं माता पार्वती का आशीर्वाद, आरोग्यता एवं संकट निवारण। |
| मासिक शिवरात्रि | कृष्ण चतुर्दशी | रुद्राभिषेक एवं शिव पूजन द्वारा मनोवांछित फल की प्राप्ति। |
| सर्वपितृ अमावस्या | अमावस्या तिथि | पितृ तर्पण, गौ ग्रास दान एवं ब्राह्मण भोजन द्वारा पितृदोष शांति। |
| शारदीय / चैत्रीय नवरात्रि | शुक्ल प्रतिपदा से नवमी | मां भगवती की आराधना, शतचंडी महायज्ञ एवं कन्या पूजन। |